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Category: ENGLISH SHAYARI

गणेश चतुर्थी व्रत कथा

गणेश चतुर्थी व्रत कथा

श्री गणेश चतुर्थी व्रत कथा और पूजन विधि आज गणपति का जन्मदिन है. विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति श्रीगणेश का दिन. आज से लेकर अगले द्स दिनों तक देश गणेश जी के रंग में डुबा रहेगा. आज गणेश चतुर्थी के दिन व्रत करने का बहुत महत्व है. गणेश चतुर्थी व्रत विधि भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी गणेश चतुर्थी के नाम से प्रसिद्ध है,इस प्रात:काल स्नानादि से निवृत होकर सोना तांबा चांदी मिट्टी या गोबर से गणेश की मूर्ति बनाकर उसकी…

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तीज व्रत कथा

तीज व्रत कथा

कथा भगवान शिव ने कहा “हे गौरी! पर्वतराज हिमालय पर गंगा के तट पर तुमने अपनी बाल्यावस्था में अधोमुखी होकर घोर तप किया था। इस अवधि में तुमने अन्न ना खाकर केवल हवा का ही सेवन के साथ तुमने सूखे पत्ते चबाकर काटी थी। माघ की शीतलता में तुमने निरंतर जल में प्रवेश कर तप किया था। वैशाख की जला देने वाली गर्मी में पंचाग्नी से शरीर को तपाया। श्रावण की मुसलाधार वर्षा में खुले आसमान के नीचे बिना अन्न…

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अन्नपुर्णा देवी व्रत कथा

अन्नपुर्णा देवी व्रत कथा

अन्नपुर्णा देवी की प्रार्थना सिद्ध सदन सुन्दर बदन, गणनायक महाराज दास आपका हूँ सदा कीजै जन के काज || जय शिव शंकर गंगाधर, जय जय उमा भवानी सिया राम कीजै कृपा हरी राधा कल्याणी || जय सरस्वती जय लक्ष्मी, जय जय गुरु दयाल देव विप्र और साधू जय भारत देश विशाल || चरण कमल गुरुजनों के, नमन करूँ मई शीश मो घर सुख संपत्ति भरो , दे कर शुभ आशीष || दोहा हाजिर है सब जगह पर, प्रेम रूप अवतार…

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देवउठनी एकादशी व्रत कथा

देवउठनी एकादशी व्रत कथा

देवउठनी एकादशी व्रत कथाकार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इसे देवोत्थान एकादशी, देवउठनी ग्यारस, प्रबोधिनी एकादशी आदि नामों से भी जाना जाता है। एक राजा के राज्य में सभी लोग एकादशी का व्रत रखते थे। प्रजा तथा नौकर-चाकरों से लेकर पशुओं तक को एकादशी के दिन अन्न नहीं दिया जाता था।एक दिन किसी दूसरे राज्य का एक व्यक्ति राजा के पास आकर बोला- महाराज! कृपा करके मुझे नौकरी पर रख लें। तब राजा ने…

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महालक्ष्मी व्रत कथा

महालक्ष्मी व्रत कथा

श्री महालक्ष्मी व्रत विधिसबसे पहले प्रात:काल में स्नान आदि कार्यो से निवृ्त होकर, व्रत का संकल्प लिया जाता है. व्रत का संकल्प लेते समय निम्न मंत्र का उच्चारण किया जाता है. करिष्यSहं महालक्ष्मि व्रतमें त्वत्परायणा ।तदविध्नेन में यातु समप्तिं स्वत्प्रसादत: ।।अर्थात हे देवी, मैं आपकी सेवा में तत्पर होकर आपके इस महाव्रत का पालन करूंगा. आपकी कृ्पा से यह व्रत बिना विध्नों के पर्रिपूर्ण हों, ऎसी कृ्पा करें. यह कहकर अपने हाथ की कलाई में बना हुआ डोरा बांध लें, जिसमें 16…

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साई बाबा व्रत कथा

साई बाबा व्रत कथा

साई बाबा व्रत कथाएक शहर में कोकिला नाम की स्त्री और उसके पति महेशभाई रहते थे. दोनों का वैवाहिक जीवन सुखमय था. दोनों में आपस में स्नेह और प्रेम था. पर महेश भाई कभी कभार झगडा करने की आदत थी. परन्तु कोकिला अपने पति के क्रोध का बुरा न मानती थी. वह धार्मिक आस्था और विश्वास वाली महिला थी. उसके पति का काम-धंधा भी बहुत अच्छा नहीं था. इस कारण वह अपना अधिकतर समय अपने घर पर ही व्यतीत करता था….

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छठ व्रत कथा

छठ व्रत कथा

सूर्य षष्टी महात्मयभगवान सूर्य जिन्हें आदित्य भी कहा जाता है वास्तव एक मात्र प्रत्यक्ष देवता हैं. इनकी रोशनी से ही प्रकृति में जीवन चक्र चलता है. इनकी किरणों से ही धरती में प्राण का संचार होता है और फल, फूल, अनाज, अंड और शुक्र का निर्माण होता है. यही वर्षा का आकर्षण करते हैं और ऋतु चक्र को चलाते हैं. भगवान सूर्य की इस अपार कृपा के लिए श्रद्धा पूर्वक समर्पण और पूजा उनके प्रति कृतज्ञता को दर्शाता है. सूर्य षष्टी…

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महाशिवरात्रि की कथा

महाशिवरात्रि की कथा

महा शिवरात्रि व्रत विधिभगवान शिव की पूजा-वंदना करने के लिए प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (मासिक शिवरात्रि) को व्रत रखा जाता है। लेकिन सबसे बड़ी शिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी होती है। इसे महाशिवरात्रि भी कहा जाता है। वर्ष 2015 में महाशिवरात्रि का व्रत 17 फरवरी को रखा जाएगा।शिवरात्रि व्रत विधिगरुड़ पुराण के अनुसार शिवरात्रि से एक दिन पूर्व त्रयोदशी तिथि में शिव जी की पूजा करनी चाहिए और व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके उपरांत…

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सोलह सोमवार व्रत कथा – Somvar vrat katha

सोलह सोमवार व्रत कथा – Somvar vrat katha

सोलह सोमवार व्रत कथा सप्ताह के प्रथम दिवस सोमवार को रखा जाता है।यह व्रत भगवान शिवजी के लिये रखा जाता है। 16 सोमवार व्रत विधि विधिसोलह सोमवार के दिन भक्तिपूर्वक व्रत करें.अधा सेर गेहूं का आटा के तीन अंगा बनाकर घी, गुड़, दीप, नैवेद्य, पूंगीफ़ल, बेलपत्र, जनेउ का जोड़ा, चंदन, अक्षत, पुष्प, आदि से प्रदोष काल में भगवान शिव का पूजन करें. एक अंगा भगवान शिव को अर्पण करें.दो अंगाओं को प्रसाद स्वरूप बांटें, और स्वयं भी ग्रहण करें.सत्रहवें सोमवार…

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रविवार व्रत कथा – Ravivar Vrat katha

रविवार व्रत कथा – Ravivar Vrat katha

सभी मनोकामनाएं पूर्ण करनेवाले और जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपत्ति और शत्रुओं से सुरक्षा हेतु सर्वश्रेष्ठ व्रत रविवार की कथा इस प्रकार से है- प्राचीन काल में एक बुढ़िया रहती थी. वह नियमित रूप से रविवार का व्रत करती.  रविवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर बुढ़िया स्नानादि से निवृत्त होकर आंगन को गोबर से लीपकर स्वच्छ करती, उसके बाद सूर्य भगवान की पूजा करते हुए रविवार व्रत कथा सुन कर सूर्य भगवान का भोग लगाकर दिन में एक समय भोजन…

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